ग्रंथसार
आश्रम की शांत संध्या में देवरात ने जब गुरुजी से पूछा कि जीवन की भागदौड़ के पीछे का असली सत्य क्या है, तो एक गहन संवाद का सूत्रपात हुआ।
ज्ञान साधना · पाठ 7
महा-प्रश्न: स्वरूप की खोज