ग्रंथसार
मौन का अर्थ केवल ओठों पर ताला लगाना नहीं, बल्कि भीतर के उस कोलाहल को शांत कर सत्य से साक्षात्कार करना है।
ज्ञान साधना · पाठ 8
मौन की शक्ति