ग्रंथसार
क्या संध्या केवल सूर्य के उदय-अस्त का समय है, या यह हमारे भीतर के मौन को जागृत करने का एक द्वार है?
व्रत, पूजा और नित्य कर्म · पाठ 3
संध्या और स्मरण