ग्रंथसार
कथा केवल शब्दों का उच्चारण नहीं, बल्कि एक जीवंत वातावरण का सृजन है जहाँ श्रोता और वक्ता एक साझा चेतना में बंध जाते हैं।
कथा परम्परा · पाठ 1
कथा-सभा और वातावरण