ग्रंथसार
पशु-पक्षियों के मुख से कही गई बातें, जीवन के गंभीर सत्यों को सहजता से मस्तिष्क में बिठा देती हैं।
कथा परम्परा · पाठ 5
पंचतंत्र और हितोपदेश: जीवन-विवेक