ग्रंथसार
कुम्भ के विराट मंच से लेकर समाज सेवा के मौन यज्ञ तक, स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज का मार्ग ज्ञान और करुणा का जीवंत संगम है।
स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज · पाठ 10
विरासत: कुम्भ, सेवा और आज के साधकों का मार्ग