ग्रंथसार
श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, सनातन धर्म की रक्षा हेतु समर्पित संन्यासियों की सबसे प्राचीन और प्रमुख धाराओं में से एक है।
स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज · पाठ 5
जूना अखाड़ा