ग्रंथसार
राशि और भाव आकाश के उस मानचित्र की तरह हैं, जिसमें हमारी दृष्टि काल की विशालता को अपनी छोटी सी परिधि में समेटने का प्रयास करती है।
ज्योतिष · पाठ 6
राशि और भाव