ग्रंथसार
आकाश के अनंत विस्तार को एक छोटे से ग्रंथ में संजोना ही उस अद्भुत गणितीय मेधा का प्रमाण है जिसे पंचांग कहा जाता है।
ज्योतिष · पाठ 9
खगोलविद का गणित और पंचांग