ग्रंथसार
संगीत केवल पुस्तकों से नहीं सीखा जाता, यह गुरु की उपस्थिति में एक श्वास से दूसरे श्वास में प्रवाहित होने वाला ज्ञान है।
संगीत शास्त्र · पाठ 10
गुरु-शिष्य परंपरा और सीखने का मार्ग