ग्रंथसार
राग केवल स्वरों का एक क्रम नहीं है, बल्कि एक ऐसा जीवंत व्यक्तित्व है जो सुनने वाले के भीतर एक विशिष्ट भाव का संचार करता है।
संगीत शास्त्र · पाठ 3
राग का स्वरूप और उसकी व्यापकता