ग्रंथसार
एक मंदिर केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि गूंजते हुए अनुपातों की एक जीवंत प्रार्थना है।
वास्तु शास्त्र · पाठ 7
मंदिर निर्माण में अनुपात और माप