ग्रंथसार
क्या तीर्थयात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान की दौड़ है, या स्वयं के भीतर एक नया जन्म लेने का अवसर?
चार धाम · पाठ 9
क्या खोजते हैं भक्त: एक नई दृष्टि का उदय