ग्रंथसार
ब्रह्म-विद्या की प्राप्ति केवल जिज्ञासा से नहीं, बल्कि मन और इंद्रियों के गहन अनुशासन से ही संभव है।
केन उपनिषद् · उपनिषद् 7
अनुशासन: जिज्ञासा की आधारशिला