ग्रंथसार
मांडूक्य उपनिषद की गूँज सदियों के कालखंड को पार कर कैसे दार्शनिकों के चिंतन का आधार बनी, इसका जीवंत वृत्तांत।
माण्डूक्य उपनिषद् · उपनिषद् 11
समय के दर्पण में उपनिषद