ग्रंथसार
ॐकार का अक्षर केवल एक ध्वनि नहीं, अपितु संपूर्ण चेतना की संपूर्ण संरचना का आधार है।
माण्डूक्य उपनिषद् · उपनिषद् 8
ओमकार के तीन आयाम