ग्रंथसार
मुनि नारद मुनि सिखाते हैं कि कैसे कोलाहल से भरे संसार में रहकर भी भक्त अपने मन को प्रभु के चिंतन में स्थिर रख सकता है।
नारद उपपुराण · अध्याय 6
आंतरिक शांति का मार्ग