ग्रंथसार
देवताओं के घोर संकट को दूर करने के लिए भगवान शिव के तेज से महासेनापति कार्तिकेय का उदय हुआ।
स्कन्द उपपुराण · अध्याय 1
कार्तिकेय का दिव्य प्राकट्य