ग्रंथसार
गुरुदेव, ये एकादशी और प्रदोष के दिन साधारण तिथियाँ नहीं, बल्कि हमारे भीतर के सोए हुए अनुशासन को जगाने वाले उत्सव हैं।
नित्य और मासिक पर्व · पाठ 2
एकादशी और प्रदोष का महात्म्य