ग्रंथसार
क्या आपने कभी सोचा है कि सात दिनों का यह चक्र केवल पंचांग के पन्ने नहीं, बल्कि हमारी आत्मा के विकास का एक व्यवस्थित सोपान है?
नित्य और मासिक पर्व · पाठ 4
साप्ताहिक अनुशासन और देवता