ग्रंथसार
जीवन की भागदौड़ में जब हम एक ठहराव चुनते हैं, तभी हमें समय की उस लय का अनुभव होता है जो हमें परमात्मा से जोड़ती है।
नित्य और मासिक पर्व · पाठ 5
संकष्टी और मासिक व्रत का अनुष्ठान