ग्रंथसार
गुरुदेव, वर्ष भर के ये समस्त व्रत और पर्व क्या केवल अलग-अलग अनुष्ठान हैं, या इनके पीछे कोई गहरा अखंड सत्य छिपा है?
नित्य और मासिक पर्व · पाठ 8
संपूर्ण वर्ष: एक अखंड आध्यात्मिक यात्रा