ग्रंथसार
शरद ऋतु की सांध्य बेला में, जब प्रकृति स्वयं को संवारती है, तब मानवीय रिश्तों की डोर और भी सुदृढ़ हो जाती है।
शरद और नवरात्रि · पाठ 8
शरद ऋतु का मिलन: पारिवारिक स्नेह की मिठास