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शरद और नवरात्रि
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शरद और नवरात्रि

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सम्पादकीय कथा-रूपान्तरण — मूल शास्त्र-पाठ नहीं

शरद और नवरात्रि

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  1. ॐनवरात्रि का मर्मपाठ 1
  2. ॐनौ रातें और उनके भावपाठ 2
  3. ॐक्षेत्रीय परंपराओं में दुर्गा पूजापाठ 3
  4. ॐगति में भक्ति: गरबा और डांडियापाठ 4
  5. ॐविजयादशमी और रामलीला का महापर्वपाठ 5
  6. ॐशरद पूर्णिमा: चाँदनी की शीतल फुहारेंपाठ 6
  7. ॐकरवा चौथ: प्रेम और संकल्प का पर्वपाठ 7
  8. ॐशरद ऋतु का मिलन: पारिवारिक स्नेह की मिठासपाठ 8
  9. ॐसमय की बुनकर: पवित्र वर्ष का चक्रपाठ 9
  10. ॐअनंत कृपा का चक्र: एक पूर्णतापाठ 10
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सम्पादकीय सिद्धान्त

मूल स्रोत, अनुवाद, सरल व्याख्या और परम्परागत टीका सदा अलग-अलग अंकित रहते हैं। कुछ भी गढ़ा नहीं जाता; अनुपलब्ध सामग्री को अनुपलब्ध अंकित किया जाता है।

सम्पादकीय कथाएँ इसी रूप में अंकित हैं और शास्त्र नहीं हैं। किसी परम्परा को दूसरी से ऊँचा नहीं बताया जाता।

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