ग्रंथसार
वसंत की अंतिम आभा के साथ, समय की धारा में छिपे उस सनातन संदेश को समझना ही वास्तव में जीवन को नया करना है।
वसंत के पर्व · पाठ 10
नवजीवन और पुनरुत्थान का स्पंदन