ग्रंथसार

ग्रंथसारग्रंथसार
सत्संगप्रेरणातर्क–प्रमाणसंरचनापरम्पराएँग्रंथनया जुड़ाअवधारणाएँकथाएँयात्राएँकथा-झलकअधिक
वसंत के पर्व
वसंत के पर्व
वसंत के पर्व

ग्रंथसार संग्रह

वसंत के पर्व

10 पाठ · पढ़ें और सुनें

सम्पादकीय कथा-रूपान्तरण — मूल शास्त्र-पाठ नहीं

वसंत के पर्व

followers…

पढ़ें
  1. ॐपवित्र कालचक्र और वसंत का आगमनपाठ 1
  2. ॐवसंत पंचमी: विद्या और कला का अधिष्ठानपाठ 2
  3. ॐमहाशिवरात्रि: ऋतुओं का परिवर्तन और अंतर्मुखतापाठ 3
  4. ॐहोलिका और विश्वास की विजयपाठ 4
  5. ॐक्षेत्रीय नव वर्ष की चेतनापाठ 5
  6. ॐगुड़ी पड़वा और उगादि: नव वर्ष की मंगल कामनापाठ 6
  7. ॐराम नवमी: धर्म का आदर्श और मर्यादापाठ 7
  8. ॐहनुमान जयंती: सेवा और निष्काम भक्ति का पर्वपाठ 8
  9. ॐअक्षय तृतीया: अक्षय पुण्य और समृद्धि का आरंभपाठ 9
  10. ॐनवजीवन और पुनरुत्थान का स्पंदनपाठ 10
ग्रंथसार

ग्रंथसार

पढ़ें · सुनें · समझें

पुस्तकालयश्रवण

श्रेणियाँ

रामायणभगवद्गीतामहाभारतपुराणउपनिषद्तीर्थसंतकथा संसाररोज़ का ज्ञानसाधना

खोजें

  • सत्संग
  • प्रेरणा
  • तर्क–प्रमाण
  • संरचना
  • परम्पराएँ
  • ग्रंथ
  • नया जुड़ा
  • अवधारणाएँ
  • कथाएँ
  • यात्राएँ
  • कथा-झलक

ज्ञान

  • व्यक्ति
  • साधना
  • तीर्थ स्थल
  • पर्व
  • भाषाएँ

खाता

  • प्रोफ़ाइल
  • खोज
  • तर्क–प्रमाण
  • कुकी नीति

सम्पादकीय सिद्धान्त

मूल स्रोत, अनुवाद, सरल व्याख्या और परम्परागत टीका सदा अलग-अलग अंकित रहते हैं। कुछ भी गढ़ा नहीं जाता; अनुपलब्ध सामग्री को अनुपलब्ध अंकित किया जाता है।

सम्पादकीय कथाएँ इसी रूप में अंकित हैं और शास्त्र नहीं हैं। किसी परम्परा को दूसरी से ऊँचा नहीं बताया जाता।

  • होम
  • झलक
  • सत्संग
  • संग्रह
  • श्रवण