ग्रंथसार
वसंत की सुगन्ध केवल उपवनों में नहीं, बल्कि हमारी चेतना के भीतर भी ज्ञान का अंकुर बनकर फूटती है।
वसंत के पर्व · पाठ 2
वसंत पंचमी: विद्या और कला का अधिष्ठान