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8 पाठ · पढ़ें और सुनें

सम्पादकीय कथा-रूपान्तरण — मूल शास्त्र-पाठ नहीं

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  1. ॐयज्ञ वेदी और माप की शुचितापाठ 1
  2. ॐरज्जु और शंकु का रहस्यपाठ 2
  3. ॐवर्ग और आयत: आकारों का आधारपाठ 3
  4. ॐआकारों का रूपांतरणपाठ 4
  5. ॐअग्नि-वेदियों की ज्यामितिपाठ 5
  6. ॐगणितीय दृष्टि और संरक्षणपाठ 6
  7. ॐमाप और उपासना का मिलनपाठ 7
  8. ॐपवित्र ज्यामिति की विरासतपाठ 8
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सम्पादकीय सिद्धान्त

मूल स्रोत, अनुवाद, सरल व्याख्या और परम्परागत टीका सदा अलग-अलग अंकित रहते हैं। कुछ भी गढ़ा नहीं जाता; अनुपलब्ध सामग्री को अनुपलब्ध अंकित किया जाता है।

सम्पादकीय कथाएँ इसी रूप में अंकित हैं और शास्त्र नहीं हैं। किसी परम्परा को दूसरी से ऊँचा नहीं बताया जाता।

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