पदवी और बैज
हर बैज पूरे अध्याय पढ़ने या सुनने से मिलता है — अध्याय तभी गिना जाता है जब उसे सचमुच समय देकर पूरा किया गया हो।
साधक पद
जीवन भर में पूरे किए अध्यायों से — पढ़कर या सुनकर
प्रथम दीपस्वाध्याय का पहला दीप जला1 अध्याय
जिज्ञासुग्यारह अध्याय — जानने की ललक जागी11 अध्याय
श्रद्धालुइक्कीस अध्याय — श्रद्धा से सुनना-पढ़ना21 अध्याय
साधकइक्यावन अध्याय — नियमित साधना51 अध्याय
स्वाध्यायीएक सौ आठ अध्याय — पूरी माला108 अध्याय
व्रतीदो सौ इक्यावन अध्याय — स्वाध्याय का व्रत251 अध्याय
तपस्वीपाँच सौ एक अध्याय — अटूट तप501 अध्याय
ज्ञान-दीपएक हज़ार आठ अध्याय — ज्ञान का दीप1,008 अध्याय
अखंड दीप
लगातार हर दिन कम से कम एक पूरा अध्याय
- सप्ताह-दीपसात दिन अखंड स्वाध्याय7 दिन
- इक्कीस-दीपइक्कीस दिन अखंड स्वाध्याय21 दिन
- मण्डल-दीपचालीस दिन का पूरा मण्डल40 दिन
- अखंड-ज्योतिएक सौ आठ दिन अखंड स्वाध्याय108 दिन
ग्रन्थ-पारायण बैज
किसी खंड (कांड, पर्व, पुराण) के सभी अध्याय पूरे करने पर उसी नाम का बैज — सभी ग्रन्थों में, कथा-शृंखलाओं सहित।
श्रीमद्भगवद्गीतासभी 18 अध्याय पूरे करने पर “गीता-पारायण”0/1
- भगवद्गीता18 अध्याय
वाल्मीकि रामायणहर कांड पूरा करने पर “रामायण-यात्री” बैज0/7
- बालकाण्ड77 अध्याय
- अयोध्याकाण्ड119 अध्याय
- अरण्यकाण्ड75 अध्याय
- किष्किन्धाकाण्ड67 अध्याय
- सुन्दरकाण्ड68 अध्याय
- युद्धकाण्ड128 अध्याय
- उत्तरकाण्ड111 अध्याय
श्रीरामचरितमानसहर कांड पूरा करने पर “रामायण-यात्री” बैज0/7
- बालकाण्ड36 अध्याय
- अयोध्याकाण्ड28 अध्याय
- अरण्यकाण्ड12 अध्याय
- किष्किन्धाकाण्ड8 अध्याय
- सुन्दरकाण्ड14 अध्याय
- लङ्काकाण्ड22 अध्याय
- उत्तरकाण्ड20 अध्याय
महाभारतहर पर्व पूरा करने पर उस पर्व का बैज0/18
- आदिपर्व236 अध्याय
- सभापर्व81 अध्याय
- वनपर्व315 अध्याय
- विराटपर्व67 अध्याय
- उद्योगपर्व197 अध्याय
- भीष्मपर्व117 अध्याय
- द्रोणपर्व173 अध्याय
- कर्णपर्व96 अध्याय
- शल्यपर्व64 अध्याय
- सौप्तिकपर्व18 अध्याय
- स्त्रीपर्व27 अध्याय
- शान्तिपर्व353 अध्याय
- अनुशासनपर्व154 अध्याय
- आश्वमेधिकपर्व96 अध्याय
- आश्रमवासिकपर्व47 अध्याय
- मौसलपर्व9 अध्याय
- महाप्रस्थानिकपर्व3 अध्याय
- स्वर्गारोहणपर्व5 अध्याय
चार वेदहर वेद पूरा करने पर उस वेद का बैज0/4
- ऋग्वेद30 अध्याय
- यजुर्वेद27 अध्याय
- सामवेद18 अध्याय
- अथर्ववेद24 अध्याय
उपनिषद्हर उपनिषद्-संग्रह पूरा करने पर बैज0/13
- मुख्य उपनिषद्12 अध्याय
- ईश उपनिषद्12 अध्याय
- केन उपनिषद्12 अध्याय
- कठ उपनिषद्12 अध्याय
- प्रश्न उपनिषद्12 अध्याय
- मुण्डक उपनिषद्12 अध्याय
- माण्डूक्य उपनिषद्12 अध्याय
- तैत्तिरीय उपनिषद्12 अध्याय
- ऐतरेय उपनिषद्12 अध्याय
- छान्दोग्य उपनिषद्16 अध्याय
- बृहदारण्यक उपनिषद्16 अध्याय
- श्वेताश्वतर उपनिषद्12 अध्याय
- कौषीतकि उपनिषद्12 अध्याय
अठारह पुराणहर पुराण पूरा करने पर उस पुराण का बैज0/18
- ब्रह्म पुराण60 अध्याय
- पद्म पुराण60 अध्याय
- विष्णु पुराण60 अध्याय
- शिव पुराण60 अध्याय
- भागवत पुराण60 अध्याय
- नारद पुराण60 अध्याय
- मार्कण्डेय पुराण60 अध्याय
- अग्नि पुराण60 अध्याय
- भविष्य पुराण60 अध्याय
- ब्रह्मवैवर्त पुराण60 अध्याय
- लिङ्ग पुराण60 अध्याय
- वराह पुराण60 अध्याय
- स्कन्द पुराण60 अध्याय
- वामन पुराण60 अध्याय
- कूर्म पुराण60 अध्याय
- मत्स्य पुराण60 अध्याय
- गरुड़ पुराण60 अध्याय
- ब्रह्माण्ड पुराण60 अध्याय
साप्ताहिक सम्मान
साधना-अंक: हर पूरा अध्याय 10, अखंड दीप का हर दिन 5, सही प्रश्न 2 · दिन में अधिकतम 40 अध्याय गिने जाते हैं
स्वाध्याय-शिरोमणिसप्ताह के सबसे अधिक साधना-अंकसप्ताह में प्रथम
अग्रणी 10सप्ताह के शीर्ष दस साधकों मेंशीर्ष दस
संकल्प
किसी संकल्प (जैसे 7 दिन गीता) को समय में पूरा करने पर उसका बैज
संकल्प पूर्णसंकल्प-पृष्ठ पर हर संकल्प की शर्त लिखी हैसंकल्प अनुसार
सेवा-सम्मान
ग्रंथसार की सेवा में योगदान पर
ग्रंथ-सेवकसेवा करने वाले साधक की प्रोफ़ाइल पर सम्मान-चिह्न। सेवा से साधना-अंक या रैंक नहीं मिलते — वे केवल स्वाध्याय से।कोई भी सेवा
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