इस्लाम का ऐतिहासिक उद्भव सातवीं शताब्दी ईस्वी में अरब प्रायद्वीप में हुआ। मक्का उस समय व्यापार और धार्मिक यात्राओं का केंद्र था। इस्लामी परम्परा के अनुसार, पैग़म्बर मुहम्मद को लगभग 610 ईस्वी में ईश्वरीय संदेश प्राप्त होने आरम्भ हुए। उनकी शिक्षा में एक ईश्वर की उपासना, जरूरतमंदों की सहायता, नैतिक आचरण और अंतिम न्याय की जवाबदेही पर बल था। आरम्भिक मुस्लिम समुदाय मक्का में बना और उसे विरोध का सामना करना पड़ा।
622 ईस्वी में पैग़म्बर मुहम्मद और उनके अनुयायियों का मक्का से मदीना प्रवास हुआ, जिसे हिजरत कहते हैं। इसी घटना से इस्लामी संवत का आरम्भ माना जाता है। मदीना में मुस्लिम समुदाय का धार्मिक और सामाजिक संगठन विकसित हुआ। 632 ईस्वी में पैग़म्बर मुहम्मद के निधन के बाद ख़लीफ़ाओं के नेतृत्व में मुस्लिम शासन अरब से बाहर फैला। नेतृत्व और उत्तराधिकार से जुड़े मतभेदों ने आगे चलकर सुन्नी और शिया परम्पराओं के विकास में भूमिका निभाई।
समय के साथ इस्लाम पश्चिम एशिया, अफ्रीका, मध्य एशिया, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुँचा। इसके प्रसार में अलग-अलग क्षेत्रों में शासन, व्यापार, यात्राओं, विद्वानों और सूफ़ी परम्पराओं की विभिन्न भूमिकाएँ रहीं। मुस्लिम समाजों में धर्मशास्त्र, न्यायशास्त्र, दर्शन, कला और शिक्षा की समृद्ध परम्पराएँ विकसित हुईं। आज इस्लाम अनेक भाषाओं और संस्कृतियों में जीवित है; साझा आस्थाओं के साथ स्थानीय रीति-रिवाजों और धार्मिक व्याख्याओं में विविधता भी दिखाई देती है।