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विचारक, कवि और कलाकार
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विचारक, कवि और कलाकार

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सम्पादकीय कथा-रूपान्तरण — मूल शास्त्र-पाठ नहीं

विचारक, कवि और कलाकार

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  1. ॐसंस्कृति के निर्माताओं का सम्मानपाठ 1
  2. ॐवाल्मीकि और व्यासपाठ 2
  3. ॐकालिदास की साहित्यिक स्मृतिपाठ 3
  4. ॐतुलसीदास, सूरदास और कबीरपाठ 4
  5. ॐतमिल और कन्नड़ भक्ति संतपाठ 5
  6. ॐजयदेव और भक्ति का संगीतपाठ 6
  7. ॐपाणिनी और भाषा की शुद्धतापाठ 7
  8. ॐआर्यभट्ट और चरक की जिज्ञासापाठ 8
  9. ॐमंदिर के शिल्पी और अज्ञात कलाकारपाठ 9
  10. ॐशास्त्रीय नर्तक और संगीतकारपाठ 10
  11. ॐकथावाचक और स्मृति के संरक्षकपाठ 11
  12. ॐसंस्कृति का सूत्रधारपाठ 12
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सम्पादकीय सिद्धान्त

मूल स्रोत, अनुवाद, सरल व्याख्या और परम्परागत टीका सदा अलग-अलग अंकित रहते हैं। कुछ भी गढ़ा नहीं जाता; अनुपलब्ध सामग्री को अनुपलब्ध अंकित किया जाता है।

सम्पादकीय कथाएँ इसी रूप में अंकित हैं और शास्त्र नहीं हैं। किसी परम्परा को दूसरी से ऊँचा नहीं बताया जाता।

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