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आचार्य परम्परा
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आचार्य परम्परा

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सम्पादकीय कथा-रूपान्तरण — मूल शास्त्र-पाठ नहीं

आचार्य परम्परा

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  1. ॐआचार्य का स्वरूपपाठ 1
  2. ॐआदि शंकर और अद्वैतपाठ 2
  3. ॐरामानुजाचार्य और शरणागतिपाठ 3
  4. ॐमध्वाचार्य और भेद का तत्त्वपाठ 4
  5. ॐनिम्बार्काचार्य और वल्लभाचार्य: भक्ति और लीला का मार्गपाठ 5
  6. ॐचैतन्य महाप्रभु और नाम-संकीर्तन का माधुर्यपाठ 6
  7. ॐमठ और गुरु-शिष्य परंपरापाठ 7
  8. ॐभाष्य-लेखन: एक आध्यात्मिक अनुष्ठानपाठ 8
  9. ॐशास्त्रार्थ: आदर और संवाद की संस्कृतिपाठ 9
  10. ॐजीवंत परंपरा: आचार्य-हृदय का विस्तारपाठ 10
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सम्पादकीय सिद्धान्त

मूल स्रोत, अनुवाद, सरल व्याख्या और परम्परागत टीका सदा अलग-अलग अंकित रहते हैं। कुछ भी गढ़ा नहीं जाता; अनुपलब्ध सामग्री को अनुपलब्ध अंकित किया जाता है।

सम्पादकीय कथाएँ इसी रूप में अंकित हैं और शास्त्र नहीं हैं। किसी परम्परा को दूसरी से ऊँचा नहीं बताया जाता।

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